
यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति संस्कारों एवं ज्ञान के आधार पर खेल-खेल में शिक्षा देने के उद्देश्य से किया जाता है ,जो बच्चों में रचनात्मक एवं आत्मविश्वास को बढ़ाता है

अर्जुनी।स्थानीय विद्यालय सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अर्जुनी में सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा निर्धारित शिशु नगरी कार्यक्रम का भव्य आयोजन आज दिनांक 18 फरवरी 2026 को किया गया। इसी तारतम्य में अर्जुनी मे इस कार्यक्रम को गत दिवस मनाया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य छोटी कक्षाओं में पढ़ने वाले ( पूर्व प्राथमिक कक्षा)भैया बहनों का शारीरिक मानसिक भावनात्मक बौद्धिक एवं आध्यात्मिक रूप से सर्वांगीण विकास करना है

यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति संस्कारों एवं ज्ञान के आधार पर खेल-खेल में शिक्षा देने के उद्देश्य से किया जाता है ,जो बच्चों में रचनात्मक एवं आत्मविश्वास को बढ़ाता है इस कार्यक्रम में मातृ शक्तियों को आमंत्रित किया गया था कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से प्रारंभ हुआ इस अवसर पर मुख्य अतिथि रेखा वर्मा एवं सुनीता वर्मा एवं विद्यालय के प्राचार्य रमेश शर्मा की उपस्थिति रहे कार्यक्रम में उपस्थिति मातृ शक्तियों के लिए विभिन्न खेल जैसे कुर्सी दौड़ बच्चों को पीठ पर ले

उठा कर दौड़ना गीत कविता नृत्य तथा शिशु विभाग में पढ़ने वाले छोटे भैया बहनों के लिए चक्का दौड़ जलेबी दौड़ फुगड़ी बैलेंस बनाना अक्षर दौड़ आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया सभी भैया बहन तथा मातृ शक्तियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तथा प्रथम द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रेखा वर्मा एवं सुनीता वर्मा के द्वारा इस तरह के कार्यक्रम की सराहना करते हुए ऐसे और कार्यक्रमों का आयोजन विद्यालय में सतत होते रहने का आग्रह किया गया इस अवसर पर प्राचार्य रमेश कुमार शर्मा के द्वारा उपस्थिति मातृ शक्तियों को शुभकामनाएं देते हुए शिशु नगरी के 12 आयाम का विस्तृत रूप से चर्चा किया गया तथा भैया बहनों में बाल्य काल से ही देश प्रेम संस्कार तथा परोपकार जैसे सद्गुणों का विकास विद्यालय और घर दोनों से हो ऐसा आग्रह करते हुए वंदे मातरम गीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिशु वाटिका प्रमुख पार्वती ध्रुव कमल वर्मा भागमती निषाद भगवती सेन फाल्गुनी वर्मा नम्रता साहू शीतल वर्मा प्रीति वर्मा रही साहू पांचों यादव सहित समस्त दीदी तथा आचार्य गण का विशेष सहयोग रहा