
बुढ़ार (दैनिक विश्व की महिमा )। न्याय, नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रतिष्ठा के लिए समर्पित अभिभाषक संघ बुढ़ार के आगामी निर्वाचन को लेकर न्यायालय परिसर में इन दिनों उत्साह, ऊर्जा और लोकतांत्रिक चेतना का वातावरण दिखाई दे रहा है। संघ के सत्र 2026-28 के लिए प्रस्तावित चुनाव में अध्यक्ष पद हेतु वरिष्ठ अधिवक्ता जयकान्त मिश्रा ने अपने समर्थक अधिवक्ताओं एवं सहयोगियों की गरिमामयी उपस्थिति में निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र प्रस्तुत कर चुनावी समर में अपने सशक्त प्रवेश का संकेत दिया।
नामांकन के अवसर पर न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि जयकान्त मिश्रा न केवल एक अनुभवी विधि व्यवसायी हैं, बल्कि अधिवक्ता समाज के बीच उनकी स्वीकार्यता और लोकप्रियता भी विशेष स्थान रखती है। वर्षों से अभिभाषक हितों के संरक्षण, संगठन की गरिमा को बनाए रखने तथा साथी अधिवक्ताओं के सुख-दुख में सदैव सहभागी रहने के कारण उन्होंने अपने व्यवहार और कार्यशैली से एक अलग पहचान स्थापित की है।
अधिवक्ता समुदाय में जयकान्त मिश्रा को एक मिलनसार, सहज एवं सहयोगी व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता है। न्यायिक कार्यों के दौरान हो अथवा संगठनात्मक चुनौतियों के समय, उन्होंने सदैव अपने साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया है। युवा अधिवक्ताओं के मार्गदर्शन से लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं के सम्मान तक, प्रत्येक विषय में उनकी सकारात्मक भूमिका की चर्चा अधिवक्ता समाज में होती रही है। यही कारण है कि उनके नामांकन के अवसर पर अनेक अधिवक्ताओं ने खुलकर अपना समर्थन व्यक्त किया और उन्हें संघ के नेतृत्व के लिए उपयुक्त प्रत्याशी बताया।
कहा जाता है कि किसी भी संगठन की शक्ति उसके सदस्यों की एकजुटता में निहित होती है और जयकान्त मिश्रा सदैव इसी भावना के संवाहक रहे हैं। उन्होंने हर परिस्थिति में अभिभाषक संघ की गरिमा, अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की है। न्याय और संगठनात्मक एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें अधिवक्ताओं के बीच विश्वास का प्रतीक बना दिया है।
अभिभाषक संघ बुढ़ार के निर्वाचन संचालन की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिवक्ता रामकृष्ण गुप्ता को सौंपी गई है। उनके सहयोग के लिए अधिवक्ता सुशांत शेखर घोष, मनीष जायसवाल, शेषनारायण शर्मा एवं रीना पात्रिक को सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। निर्वाचन समिति के मार्गदर्शन में संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाएगी।
निर्वाचन अधिकारी रामकृष्ण गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि नामांकन पत्र प्राप्त करने एवं जमा करने की प्रक्रिया 10 जून से 12 जून तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक जारी रहेगी। इसके उपरांत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 जून को मतदान कराया जाएगा तथा उसी दिन अपराह्न 3 बजे से मतगणना का कार्य संपन्न होगा।
गौरतलब है कि इस चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव, कोषाध्यक्ष, ग्रंथपाल एवं कार्यकारिणी सदस्य सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों के लिए निर्वाचन होना है। नामांकन प्रक्रिया के प्रथम दिवस से ही अधिवक्ताओं में जिस प्रकार का उत्साह और सहभागिता देखने को मिली है, उसने चुनावी वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया है।
अब समस्त अधिवक्ता समुदाय की निगाहें 12 जून पर टिकी हुई हैं, जब नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चुनावी परिदृश्य और अधिक स्पष्ट होगा। वहीं अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार के रूप में जयकान्त मिश्रा का नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है। उनके समर्थकों का मानना है कि उनका अनुभव, संगठन के प्रति समर्पण, मिलनसार व्यक्तित्व तथा न्यायिक मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए एक सशक्त और योग्य विकल्प बनाती है।
लोकतांत्रिक परंपराओं, संगठनात्मक मर्यादाओं और पारस्परिक सहयोग की भावना से परिपूर्ण यह निर्वाचन प्रक्रिया अभिभाषक संघ बुढ़ार की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। ऐसे में आगामी नेतृत्व को लेकर अधिवक्ताओं के बीच उत्सुकता अपने चरम पर है और चुनावी सरगर्मियां निरंतर गति पकड़ती जा रही हैं।