
धनपुरी। मानवता और सामाजिक समरसता की जड़ें जहाँ गहरी होती हैं, वहाँ उत्सव केवल परंपरा नहीं बल्कि एकता का प्रतीक बन जाते हैं। अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में धनपुरी स्थित ‘नगर पत्रकार परिषद’ के कार्यालय में एक गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक जयंती उत्सव मात्र नहीं था, बल्कि धनपुरी की साझा संस्कृति और ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ का जीवंत प्रमाण बनकर उभरा।
सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा संगम
इस ऐतिहासिक आयोजन की धुरी नगर पत्रकार परिषद के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद शमीम खान रहे। उनके नेतृत्व और विशेष प्रयासों की बदौलत नगर के वरिष्ठ पत्रकारों और समाजसेवियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया कि भगवान परशुराम केवल एक समाज विशेष के नहीं, अपितु संपूर्ण जगत के कल्याण और न्याय के पथप्रदर्शक हैं।
वरिष्ठ समाजसेवी पंडित विनोद शर्मा ने भावुक होते हुए अपने वक्तव्य में कहा, “आज का यह दृश्य अत्यंत हर्ष और गौरव प्रदान करने वाला है। मोहम्मद शमीम खान ने मुस्लिम समुदाय से होने के बावजूद ब्राह्मण समाज के आराध्य देव की जयंती पर जिस श्रद्धा और आत्मीयता से वरिष्ठों का सम्मान किया है, वह सहिष्णुता की एक अतुलनीय मिसाल है। हमारे नगर धनपुरी की एकता और भाईचारे की ऐसी मिसाल दुर्लभ है।”
वरिष्ठों का अभिनंदन और उद्बोधन
समारोह में पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय विभूतियों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पत्रकार सनत कुमार शर्मा, पंडित विनोद शर्मा और मुरलीधर त्रिपाठी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मोमेंटो और पुष्पमालाओं से विभूषित किया गया।
इस अवसर पर IFWJ के नगर अध्यक्ष डॉ. विजय सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान परशुराम जी के आदर्श हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने पत्रकार जगत की एकजुटता पर बल देते हुए कहा कि नगर के विकास और समस्याओं के निराकरण में पत्रकारों की सामूहिक शक्ति का बड़ा योगदान है।
एकजुटता की नई परिभाषा
नगर पत्रकार परिषद के इस कदम की सराहना करते हुए वरिष्ठ पत्रकार राजू अग्रवाल, बृजवासी अग्रवाल और समाजवादी पार्टी के नेता राशिद खान, वरिष्ठ पत्रकार अतीक खान बाबा ने भी अतिथियों का स्वागत किया। वक्ताओं ने माना कि आज के दौर में जहाँ समाज खंडित हो रहा है, वहाँ नगर पत्रकार परिषद द्वारा किया गया यह प्रयास अविस्मरणीय है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी ने संकल्प लिया कि वे भगवान परशुराम के मार्गदर्शन में चलते हुए समाज सेवा और निष्पक्ष पत्रकारिता के धर्म का निर्वहन करेंगे। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब हृदय में सेवा भाव और परस्पर सम्मान हो, तो धर्म और मजहब की दीवारें स्वतः ही ढह जाती हैं।