अमलाई ओ.सी.एम में सुरभि महिला मंडल द्वारा सार्वजनिक प्याऊ का शुभारंभ, सेवा और मानवता की मिसाल

✍️अतीक खान (बाबा )
धनपुरी। भीषण गर्मी के बीच मानवता, सेवा और समर्पण की सजीव मिसाल प्रस्तुत करते हुए सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत अमलाई ओपन कास्ट माइंस (ओसीएम) परिसर में सुरभि महिला मंडल द्वारा सार्वजनिक प्याऊ का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और दैविक अनुष्ठानों के मध्य हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और पुण्यभाव से ओतप्रोत हो उठा।


सुरभि महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती एलोरा जेना ने विधिवत पूजा-अर्चना कर फीता काटते हुए सार्वजनिक प्याऊ का उद्घाटन किया। यह प्याऊ रीवा-अमरकंटक मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, श्रमिकों एवं यात्रियों के लिए समर्पित किया गया है, जिससे उन्हें इस तपती धूप में शीतल जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उद्घाटन के साथ ही उपस्थित महिलाओं ने राहगीरों को अपने हाथों से मीठा शरबत, जलजीरा, गन्ने का रस, गुड़, चना एवं ताजे फल वितरित कर सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।


कार्यक्रम के दौरान सुरभि महिला मंडल की सभी सदस्याएं अत्यंत उत्साह और समर्पण भाव के साथ सेवा कार्य में संलग्न रहीं। उनके चेहरे पर संतोष और करुणा की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही थी, मानो वे “नर सेवा ही नारायण सेवा” के आदर्श को साकार कर रही हों। इस पुनीत कार्य ने न केवल राहगीरों को राहत प्रदान की, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की प्रेरणा भी जागृत की।


इस अवसर पर एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब अमरकंटक की ओर जा रहे कुछ बच्चों ने महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती एलोरा जेना के स्नेह और आत्मीयता से प्रभावित होकर उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा व्यक्त की। बालसुलभ आग्रह को स्नेहपूर्वक स्वीकार करते हुए श्रीमती जेना ने बच्चों के साथ मुस्कुराते हुए तस्वीरें खिंचवाईं और उन्हें सप्रेम फल वितरित किए। बच्चों ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें इतना सम्मान और स्नेह पहले कभी प्राप्त नहीं हुआ था। यह दृश्य मानवीय संवेदनाओं और करुणा का अनुपम उदाहरण बन गया।


स्थानीय राहगीरों एवं श्रमिकों ने सुरभि महिला मंडल की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मंडल प्रतिवर्ष इसी प्रकार सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था कर निस्वार्थ भाव से सेवा करता है, जो समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। यह पहल न केवल प्यासे को पानी पिलाने का कार्य है, बल्कि सामाजिक समरसता, सहयोग और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का भी माध्यम है।


कार्यक्रम के दौरान सुरभि महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती एलोरा जेना ने एक प्रेरणादायी संदेश देते हुए कहा—
“प्यासे को पानी पिलाना केवल सेवा नहीं, अपितु यह एक महान पुण्य कर्म है, जो मानवता के उच्चतम आदर्शों को प्रकट करता है। हमें सदैव एक-दूसरे की सहायता करते हुए समाज में प्रेम, करुणा और सहयोग की भावना को सशक्त बनाना चाहिए। ‘जल है तो कल है’—यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल संरक्षण और जल सेवा, दोनों ही हमारी नैतिक जिम्मेदारी हैं। यदि हम आज जल के महत्व को समझकर उसका संरक्षण करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित कर पाएंगे। समाज में सेवा और समर्पण की भावना ही वास्तविक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।”


उन्होंने आगे कहा कि सुरभि महिला मंडल का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता का प्रसार करना भी है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर मानवता की सेवा में योगदान दे सके।
इस अवसर पर सुरभि महिला मंडल की सक्रिय सदस्याओं में प्रमुख रूप से श्रीमती एलोरा जेना, सत्य रमन्ना, पद्मा हरि बाबू, अनुपा सेन गुप्ता, सपना गणवीर, सुनीता हेमराम, पूनम कंपरिया, अंजना कुर्रे, भवानी बालकृष्ण, अंजना हलदर, लोरा महापात्रा, अमिता पटेल, अनिता राम एवं उज्ज्वला विधाते की सराहनीय भूमिका रही। सभी सदस्याओं ने एकजुट होकर सेवा के इस संकल्प को चरितार्थ किया।


समापन के साथ यह कहा जा सकता है कि अमलाई ओसीएम में सुरभि महिला मंडल द्वारा स्थापित यह सार्वजनिक प्याऊ केवल जल सेवा का केंद्र नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक बन गया है। यह पहल समाज को यह संदेश देती है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर सेवा का संकल्प ले, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य संभव है।

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