
ऊंचाई से गिरकर ठेका श्रमिक की मौत, परिजनों ने लगाए प्रबंधन पर गंभीर आरोप; कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग उठाई
बलौदाबाजार/अर्जुनी(दैनिक
जय संगवारी ) ग्राम रवान स्थित सीमेंट संयंत्र एक बार फिर गंभीर हादसे के कारण सुर्खियों में है। सोमवार को संयंत्र में कार्यरत 22 वर्षीय ठेका श्रमिक हेमप्रकाश खुंटे की ऊंचाई से गिरने के कारण मौत हो गई। बीते तीन माह के भीतर यह चौथी बड़ी घटना है, जिसने संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हेमप्रकाश खुंटे सोमवार सुबह नियमित रूप से ड्यूटी पर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि कार्य के दौरान वह संयंत्र की सातवीं अथवा नौवीं मंजिल से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
मृतक के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे की सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई। जब वे संयंत्र पहुंचे तो उन्हें अंदर प्रवेश करने से रोक दिया गया। परिजनों का आरोप है कि मजदूर की मौत के बाद शव को जल्दबाजी में रायपुर भेज दिया गया, जिससे कई संदेह और सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस ने उठाई मुआवजे और कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे ने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस ने मृतक के परिवार को 60 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी तथा मासिक पेंशन प्रदान किए जाने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
तीन माह में चार गंभीर घटनाएं
रवान स्थित इस सीमेंट संयंत्र में हाल के महीनों में लगातार विवाद और दुर्घटनाएं सामने आई हैं।
22 मार्च 2026 को संयंत्र के एक सुरक्षा गार्ड द्वारा एक नाबालिग बालक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी सुरक्षा गार्ड श्रीराम पाण्डेय को गिरफ्तार किया था।
3 मई 2026 को संयंत्र से संबद्ध खदान में ब्लास्टिंग के दौरान उड़कर आए पत्थर की चपेट में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे में उसका जबड़ा टूट गया था। मामले में पुलिस ने प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज किया था।
6 मई 2026 को संयंत्र के वर्कशॉप में कार्यरत 21 वर्षीय कर्मचारी हिमांशु साहू रेडिएटर में पानी डालते समय अचानक निकली गर्म भाप की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसे अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया था।
अब 8 जून 2026 को श्रमिक हेमप्रकाश खुंटे की मौत ने सुरक्षा मानकों को लेकर चिंताओं को और गहरा कर दिया है।
सुरक्षा मानकों की स्वतंत्र जांच की मांग
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद स्थानीय नागरिकों और श्रमिक संगठनों ने संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था की स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा प्रबंधन को समय रहते सुदृढ़ नहीं किया गया तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार खनन और सीमेंट उद्योग जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, नियमित निरीक्षण, प्रशिक्षित मानव संसाधन तथा प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली अनिवार्य होती है। लगातार हो रही घटनाएं इस दिशा में व्यापक समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रवान स्थित सीमेंट संयंत्र में लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं और विवादों ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को बहस के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की निगाहें जांच के निष्कर्षों और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।