
बलौदाबाजार। जिले में अवैध एवं मिलावटी शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार आबकारी विभाग ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्यवाही करते हुए लगभग 36 हजार रुपये मूल्य की अवैध शराब जब्त की। इस कार्यवाही से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है तथा प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग के संयुक्त दल ने वृत्त पलारी क्षेत्र में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर छापामार कार्रवाई की। टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों के रिहायशी मकानों की तलाशी ली। जांच के दौरान 360 पाव देशी मदिरा मसाला, जिसकी कुल मात्रा 64.8 बल्क लीटर पाई गई, बरामद की गई। इसके अलावा शराब निर्माण एवं पैकेजिंग में उपयोग होने वाली 52 खाली शीशियां, 52 ढक्कन तथा एक प्लास्टिक जरीकेन में रखा 15 लीटर रंगीन तरल पदार्थ भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग मिलावटी शराब तैयार करने में किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
आबकारी अधिकारियों के अनुसार जब्त की गई देशी मदिरा मसाला का बाजार मूल्य लगभग 36 हजार रुपये आंका गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला अवैध रूप से शराब के संग्रहण एवं संभावित मिलावट से जुड़ा पाया गया है। विभाग द्वारा जब्त सामग्री को सुरक्षित रखकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इस मामले में मुरली टंडन पिता चंद्रहास, नेतराम डहरिया पिता तोरण तथा एक अन्य आरोपी निवासी इंदौरी, थाना पिपरिया, जिला कबीरधाम के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(2), 36, 38(क) एवं 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
आबकारी विभाग ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे तत्वों पर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी, ताकि समाज में सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
इस सफल कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम, पी. माधव राव एवं विनोद बांधे, आबकारी आरक्षक कोमल निषाद, अभिषेक राठौर तथा नगर सैनिक दुर्गेश्वरी कुर्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभागीय अधिकारियों की तत्परता और समन्वित प्रयासों के चलते अवैध शराब के एक बड़े जखीरे को समय रहते पकड़ने में सफलता मिली।