जनसेवा, साहित्य और संस्कृति के साधक अशोक धीवर ‘जलक्षत्री’ राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत

इंदौर में आयोजित इम्पैक्ट इंडिया समिट-2026 में मिला ‘श्रेष्ठ एनजीओ सम्मान’, छत्तीसगढ़ का बढ़ाया गौरव

बलौदाबाजार/तिल्दा-नेवरा।
समाजसेवा, साहित्य साधना, भाषा संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा भारतीय संस्कृति के संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं साहित्यकार अशोक धीवर ‘जलक्षत्री’ को मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित भव्य इम्पैक्ट इंडिया समिट-2026 में ‘श्रेष्ठ एनजीओ सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके द्वारा संचालित हर्षिता जन सेवा फाउंडेशन के माध्यम से किए जा रहे उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
समारोह में देश के प्रख्यात हिंदी क्रिकेट कमेंटेटर एवं पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व सुशील दोषी तथा समिट की संस्थापिका ज्योति कुमारी ने उन्हें सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर अभिनंदित किया।
रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुलसी निवासी अशोक धीवर पेशे से पेंटर, मूर्तिकार और साहित्यकार हैं। लगभग छह वर्ष पूर्व एक गंभीर दुर्घटना में उनका पैर घायल हो गया, जिससे उन्हें लंबे समय तक शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। किंतु उन्होंने इस विपरीत परिस्थिति को निराशा नहीं, बल्कि जनकल्याण का अवसर बनाया। बिस्तर पर पड़े-पड़े उन्होंने यह संकल्प लिया कि ईश्वर ने उन्हें किसी विशेष उद्देश्य के लिए जीवनदान दिया है और तभी से उन्होंने स्वयं को समाजसेवा के कार्यों में समर्पित कर दिया।


आज उनका यही समर्पण राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान का आधार बना है। अशोक धीवर समाज के वंचित, शोषित एवं पीड़ित वर्गों को न्याय, सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। पारिवारिक विवादों में संवाद और समन्वय स्थापित कर अनेक दंपत्तियों के जीवन में पुनः सौहार्द का संचार करने का कार्य भी उन्होंने किया है। इसके साथ ही सामाजिक कुरीतियों, नशामुक्ति, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा आध्यात्मिक चेतना के प्रसार हेतु भी वे सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
बाल संस्कार निर्माण के उद्देश्य से वे नियमित रूप से बाल संस्कार केंद्रों का संचालन करते हैं तथा युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर आत्मनिर्भरता का संदेश देते हैं। साहित्य के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। वे नवोदित रचनाकारों को कविता लेखन की प्रेरणा देते हैं तथा राष्ट्रीय स्तर के साझा काव्य-संकलनों में उनकी रचनाओं को स्थान देकर उनका उत्साहवर्धन करते हैं।
अशोक धीवर का व्यक्तित्व सेवा, संवेदना, संस्कृति और सृजनशीलता का अनुपम संगम है। उनका सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक एवं सांस्कृतिक चेतना का भी गौरवपूर्ण सम्मान है। उनकी निस्वार्थ सेवा यात्रा समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

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