
लालपुर बस्ती और पचपेड़ी नाका क्षेत्र में बच्चों व परिवारों को वितरित किए वस्त्र, चप्पल, नाश्ता एवं आवश्यक सामग्री
रायपुर(दैनिक जय संगवारी ) प्रचंड गर्मी और तपती धूप से झुलसती राजधानी रायपुर में जब आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है, ऐसे कठिन समय में सामाजिक सरोकारों का निर्वहन करते हुए कनिष्का फाउंडेशन छत्तीसगढ़ ने मानवता और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। संस्था द्वारा रविवार प्रातःकाल शहर के लालपुर बस्ती एवं पचपेड़ी नाका क्षेत्र में निवासरत जरूरतमंद परिवारों और बच्चों के लिए विशेष सेवा अभियान का आयोजन किया गया।

इस सेवा अभियान के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के लोगों के बीच चाय, बिस्किट, पौष्टिक नाश्ता, वस्त्र, चप्पल तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित की गई। भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस मानवीय पहल ने अनेक परिवारों को राहत प्रदान की तथा बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मीयता की अनमोल मुस्कान बिखेर दी।

संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार इस अभियान के दौरान 40 से अधिक बच्चों एवं जरूरतमंद लोगों को चप्पल और वस्त्र उपलब्ध कराए गए, जबकि 100 से अधिक लोगों के लिए चाय एवं बिस्किट की व्यवस्था की गई। सेवा कार्य केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संस्था के सदस्यों ने लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को भी निकटता से समझने का प्रयास किया।
इस पुनीत कार्य का नेतृत्व संस्था की अध्यक्ष खुशबू शर्मा ने किया। उनके साथ उपाध्यक्ष मोहित पुजारी, सचिव आशीष द्विवेदी, सहयोगी सदस्य शकीला खान, नाज़नीन खान एवं बरखा शर्मा ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सेवा अभियान को सफल बनाया।

संस्था की अध्यक्ष खुशबू शर्मा ने बताया कि कनिष्का फाउंडेशन समाज के वंचित, असहाय एवं जरूरतमंद वर्ग के कल्याण हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी 19 तारीख को पुनः इसी क्षेत्र में सेवा गतिविधि आयोजित कर बच्चों एवं जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि संस्था का मूल उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग, करुणा और मानवता के मूल्यों को सशक्त बनाना है। कनिष्का फाउंडेशन भविष्य में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को निरंतर जारी रखेगा।
“सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्ची मानवता की पहचान है।” कनिष्का फाउंडेशन का यह सेवा अभियान इसी संदेश को सार्थक रूप से चरितार्थ करता है।