
अमलाई। श्रमवीरों की नगरी अमलाई में इन दिनों अवैध कारोबारियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। अमलाई थाना क्षेत्र के अमराडंडी इलाके में खुलेआम जुए का काला कारोबार फल-फूल रहा है, जबकि पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रहमान ड्राइवर, विजय चीना, छोटा भैया और सोहैल जैसे कथित खाईबाज बेखौफ होकर जुए की फड़ संचालित कर रहे हैं और खिलाड़ियों से मोटी “नाल” वसूल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा खेल बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा है। जिस मकान में जुआ चलता है, उसके बाहर ताला लटका दिया जाता है ताकि किसी को शक न हो। खिलाड़ियों को मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए गुप्त संदेश भेजकर तय स्थान पर बुलाया जाता है, जहां देर रात तक हार-जीत का लाखों रुपये का खेल चलता है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि इस अवैध कारोबार को पुलिस तंत्र के कुछ लोगों का संरक्षण प्राप्त है। क्षेत्र में चर्चा है कि शिकायतें होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई सवालों को जन्म देता है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह कानून व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष भी सामने नहीं आया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जुए के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। युवा तेजी से इस लत की चपेट में आ रहे हैं, परिवार आर्थिक संकट झेल रहे हैं और अपराध की आशंका भी बढ़ती जा रही है। लोगों का सवाल है कि आखिर पुलिस कब तक मूकदर्शक बनी रहेगी? क्या किसी बड़ी घटना के बाद ही कार्रवाई होगी?
अब निगाहें पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। यदि आरोप सही हैं तो दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई होना जरूरी है। वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो पुलिस को पारदर्शी जांच कर सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए। अमलाई की जनता अब कार्रवाई चाहती है, सिर्फ आश्वासन नहीं।