
परिवार के सदस्य रूपेश नागवंशी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम या सम्मेलन नहीं, बल्कि अपनी विरासत, संस्कृति और संस्कारों से आत्मिक रूप से जुड़ने का एक प्रेरणादायक अभियान है।
अर्जुनी। ग्राम टोपा एक बार फिर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बना, जब मंडावी परिवार की गौटिया बेड़ा बैठक उत्साह और आत्मीयता के वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न गांवों से पहुंचे सियान और वरिष्ठजनों ने परिवार की मजबूती, परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी के मार्गदर्शन पर गंभीर चर्चा की।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि समय के साथ परिवार का विस्तार तो हुआ है, लेकिन रिश्तों की मजबूती बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। मंडावी परिवार आज लगभग सात जिलों और 60–70 गांवों में फैला हुआ है। ऐसे में आपसी संवाद, सहयोग और समरसता को बनाए रखने के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं।
परिवार के सदस्य रूपेश नागवंशी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम या सम्मेलन नहीं, बल्कि अपनी विरासत, संस्कृति और संस्कारों से आत्मिक रूप से जुड़ने का एक प्रेरणादायक अभियान है। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों ने जिन उच्च सामाजिक मूल्यों, आदर्शों और परंपराओं की आधारशिला रखी, उन्हें सहेजना और सशक्त रूप से आगे बढ़ाना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
यह पहल नई पीढ़ी को अपनी असली पहचान से परिचित कराने, उनमें अपने इतिहास और परंपराओं के प्रति सम्मान व गर्व की भावना जगाने तथा समाज को एक सूत्र में बांधने का सार्थक प्रयास है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम अपनी जड़ों को मजबूत करते हुए उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाते हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंडावी गौटिया बेड़ा सम्मेलन का भव्य आयोजन 7 मार्च को ग्राम मल्दी में किया जाएगा। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में सात जिलों के लगभग 60 गांवों से परिवारजन शामिल होंगे। कार्यक्रम में आदिशक्ति बूढ़ादेव पूजा, परिचय सम्मेलन, चलागन, मूल स्थान की खोज, शिक्षा एवं रोजगार पर चर्चा तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों को स्थान दिया गया है।
बैठक में ग्राम टोपा से मनहरन मंडावी, रमेश मंडावी, रतन मंडावी; मल्दी से किशोर (गोठू) मंडावी; तुरमा से सुधे मंडावी; परसाडीह से रामप्रसाद मंडावी; भाटापारा से ओंकार मंडावी; बेंदरी से अंजोरी मंडावी; चंडी से मोतीराम मंडावी; खोखली से फिरंता मंडावी; भटभेरा से मनोज मंडावी; जूनवानी (बेमेतरा) से गणेश मंडावी; रायपुर से सुकदेव मंडावी तथा करमन (नवागढ़) से सेखू मंडावी सहित अनेक सम्मानित सियान एवं परिवारजन उपस्थित रहे।आगामी 7 मार्च का यह सम्मेलन न केवल मंडावी परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायी और ऐतिहासिक अवसर बनने की ओर अग्रसर है। यह आयोजन सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक अस्मिता और पारिवारिक समरसता का सशक्त संदेश देगा।