
धनपुरी (दैनिक जय संगवारी )। नगर की फिजाओं में आज रूहानी एहसास, मोहब्बत और दुआओं की खुशबू घुली हुई नजर आई, जब हज की मुकद्दस सफर पर जाने वाले हाजियों का काफिला बुढार रेलवे स्टेशन से रवाना हुआ। इस पाक सफर की शुरुआत ने पूरे शहर को जज़्बात, अकीदत और रूहानियत के रंग में रंग दिया। हर लब पर दुआ, हर दिल में खुशी और हर आंख में हल्की सी नमी—ऐसा दिलकश मंज़र कम ही देखने को मिलता है।
हज, इस्लाम का एक अहम और मुकद्दस फर्ज़ है, और इस सफर पर रवाना होने वाले हाजियों के लिए नगरवासियों ने दिल से मोहब्बत और इज्जत का इज़हार किया। रवाना होने से एक दिन पहले इमामबाड़ा धनपुरी में हाजियों का शानदार इस्तकबाल किया गया, जहां बड़ी तादाद में लोगों ने पहुंचकर उन्हें मुबारकबाद पेश की। पूरा माहौल गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारे और इत्तेहाद की खूबसूरत मिसाल बन गया।
इस पाक सफर में शामिल मेहरुन्निसा सैफ खान की माताजी तथा समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राशिद खान की खाला-मौसी ने रुखसती के वक्त पूरे नगरवासियों को दिल से दुआएं दीं। उन्होंने मुल्क में अमन-ओ-चैन, भाईचारे और तरक्की की दुआ करते हुए कहा कि यह सफर सिर्फ इबादत का नहीं, बल्कि इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम लेकर चलता है।
बुढार रेलवे स्टेशन पर विदाई का मंज़र बेहद जज़्बाती और दिल को छू लेने वाला रहा। नगर के बुजुर्गों, समाजसेवियों और अज़ीज़ों ने हाजियों को फूल-मालाओं से नवाजते हुए उनके सफर की कामयाबी और कुबूलियत की दुआएं कीं। ऐसा महसूस हो रहा था मानो पूरे शहर की दुआएं उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हों।
इस मौके पर हाजी अयूब खान, हाजी इसाक अंसारी, हाजी यूनुस खान, हाजी पीर अली, हाजी इरशाद खान, हाजी शफीक खान, शकील खान, तबरेज खान, शाहनवाज खान, अलीम खान, मोइन फारुकी (पत्रकार), शहजाद मोहम्मद, इमरान सिद्दीकी, रिफत अली, बाबा खान, सफीक खान (पत्रकार), शहरयार खान, रफीक खान, हाजी खलील खान समेत कई गणमान्य शख्सियतें मौजूद रहीं। सभी ने मिलकर इस लम्हे को यादगार बना दिया।
यह महज़ एक सफर की रुखसती नहीं, बल्कि शहर की तहजीब, मोहब्बत और एकता का आईना था। हाजियों के इस पाक सफर के साथ पूरे नगर ने अपनी दुआओं का कारवां रवाना किया है, जो यकीनन उनके इस रूहानी सफर को कामयाब और मुकम्मल बनाएगा।