
एक ग्रामीण की मौत, दो महिलाएं गंभीर
बलौदाबाजार/कसडोल। बार नयापारा क्षेत्र में मंगलवार की सुबह जंगली बायसन (गौर) के आतंक ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी। सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच एक ही घंटे में वायसन ने तीन अलग-अलग गांवों में हमला कर एक ग्रामीण की जान ले ली, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है।
गजराडीह में 46 वर्षीय ग्रामीण की मौतः जानकारी के अनुसार, पहली घटना ग्राम गजराडीह में हुई, जहां 46 वर्षीय देवेंद्र साहू पिता पांडव साहू पर बायसन ने अचानक हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि,

देवेंद्र सुबह अपने काम से निकले थे, तभी बायसन ने उन पर सींग से हमला कर दिया। हमले में उनके पेट पर करीब 4 से 5 इंच गहरा घाव हो गया और वे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान आज सुबह उनकी मौत हो गई। घटना से गांव में शोक की लहर है।
घायलों का इलाज और मृतक के लिए मुआवजे की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक देवेंद्र साहू के परिवार को उचित मुआवजा और आश्रित को सहायता देने, घायल महिलाओं के बेहतर और निःशुल्क इलाज की व्यवस्था करने तथा वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में लगातार गश्त कर बायसन को आबादी वाले इलाके से दूर खदेड़ने की मांग की है।
दो गांवों की दो महिलाओं पर हमला, दोनो घायल
इसके बाद बायसन ग्राम मुरूमडीह पहुंचा, जहां उसने 36 वर्षीय पंचबाई ठाकुर पति दुलार सिंह ठाकुर पर हमला कर दिया। हमले में उनकी जांघ पर गंभीर चोट आई है। बायसन का हमला यहीं नहीं रुका और वह ग्राम रवान पहुंच गया, जहां 60 वर्षीय गायत्री यादव को निशाना बनाया। हमले में उनकी जांघ पर गहरा घाव आया है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान उनके पैर में 8 से 9 टांके लगाए गए हैं। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
वन विभाग द्वारा की गई तत्काल सहायता*
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई। परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी रवान द्वारा मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि 25,000 प्रदान की गई है। साथ ही शासन के प्रावधान अनुसार मृतक के परिवार को देय क्षतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बायसन के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गये। इस घटना में ग्राम गजराडीह निवासीदेवेन्द्र साहू (उम्र 45 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। घटना में घायल अन्य दो ग्रामीणों का निजी अस्पताल में उपचार जारी है। वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा है कि वन विभाग द्वारा लगातार ग्रामीणों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं से बचाव के संबंध में जागरूक किया जा रहा है तथा वन क्षेत्रों में सुरक्षा एवं सतर्कता बनाए रखने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वन क्षेत्रों में जाते समय सावधानी बरतें एवं वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें।